ईश्वर प्रार्थना
न कर्मणामनारम्भान्नैष्कर्म्यं पुरुषोऽश्रुते । न च संन्यसनादेव सिद्धिं समधिगच्छति।।3.4।। इसका भावार्थ है । कर्म को शुरू नहीं किया गया है, …
न कर्मणामनारम्भान्नैष्कर्म्यं पुरुषोऽश्रुते । न च संन्यसनादेव सिद्धिं समधिगच्छति।।3.4।। इसका भावार्थ है । कर्म को शुरू नहीं किया गया है, …
चैत्र नवरात्री हिंदू धर्म मे “देवीभक्ती” का या देवी भक्ती की महिमा अपरंपार है। चैत्र महा के शुक्लपक्ष की प्रतिपदा …